“नारी बनाम राजनीति” – Lucknow से योगी का सीधा वार

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

राजधानी Lucknow में रविवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Women Reservation Bill यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विस्तार से बात की। उनका अंदाज़ वही था, जिसमें भावनाओं की परत के ऊपर सियासत की धार चमकती है।

चार जातियां वाला फ्रेमवर्क

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के बयान को दोहराते हुए कहा कि देश में चार प्रमुख वर्ग हैं—नारी, युवा, गरीब और किसान।

उन्होंने कहा कि जो ताकतें जातिवाद के सहारे राजनीति करती रही हैं, उनके लिए यह बिल एक असहज आईना बन गया है।

Opposition पर ‘नारी विरोधी’ आरोप

योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने इस प्रोग्रेसिव कदम का विरोध कर महिलाओं के साथ अन्याय किया है। Indian National Congress, Samajwadi Party, Rashtriya Janata Dal, Trinamool Congress और Dravida Munnetra Kazhagam जैसे दलों को उन्होंने इस “पाप” का भागीदार बताया। उनके मुताबिक, आधी आबादी में इस रुख को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है।

संसद की बहस पर सख्त टिप्पणी

सीएम योगी ने संसद में हुई बहस की तुलना “द्रौपदी के चीर हरण” जैसे दृश्य से की। यह बयान सिर्फ आलोचना नहीं था, बल्कि एक ऐसा रूपक था जो सीधे भावनात्मक नस को छूता है और राजनीतिक बहस को सांस्कृतिक प्रतीकों से जोड़ देता है।

Religion-Based Reservation पर सवाल

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की बात संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

योगी ने B. R. Ambedkar का हवाला देते हुए कहा कि संविधान निर्माण के समय धर्म आधारित आरक्षण को खारिज किया गया था।

Past Politics, Present Questions

सीएम योगी ने विपक्ष से सवाल किया कि जब महिला आरक्षण जैसा कदम उठाया जा रहा था, तब वे कहां थे। उन्होंने शाह बानो केस और ट्रिपल तलाक कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर भी विपक्ष का रुख महिलाओं के हित में नहीं था।

राजनीति का मंच कभी-कभी ऐसा रंगमंच बन जाता है जहां संवाद से ज्यादा संवाद का अंदाज़ चर्चा में रहता है।
यहां नारी सशक्तिकरण का मुद्दा है, लेकिन उसके इर्द-गिर्द घूमती बयानबाजी में चुनावी मौसम की खुशबू भी साफ महसूस होती है।

सवाल वही पुराना है: क्या यह बहस महिलाओं के अधिकारों तक पहुंचेगी, या फिर वोटों के गणित में उलझकर रह जाएगी?

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